दिग्विजय ने आतंकी हमले को दुर्घटना बताया, भाजपा – कांग्रेस नेताओं की मानसिकता देश विरोधी

पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर वायुसेना की कार्रवाई के सबूत मांगने के बाद कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पुलवामा हमले को ‘दुर्घटना’ बताया। इस पर भाजपा ने आपत्ति जताई। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, पुलवामा हमले में आतंकवादियों ने हमारे जवानों की नृशंस हत्या की। दिग्विजय आतंकी हमले को घटना बता रहे हैं, उनसे आप क्या उम्मीद करेंगे। ये वही हैं, जो जाकिर नाइक को मानवता की मूर्ति बताते हैं। ये वही हैं जो ओसामाजी और हाफिज सईद साहब कहते हैं।

प्रसाद ने कहा, ”राजनीति करने वालों को इतनी भी तमीज नहीं है कि जवानों की हत्या पर इस तरह से बयान न दें। दिल्ली में बाटला हाउस में दिल्ली के जवान मोहन शर्मा को मारा गया था। दिग्विजय आजमगढ़ गए थे और कहा था कि आतंकवादियों को सिर में गोली लगी थी। कांग्रेस के 10 साल मुख्यमंत्री गए हैं, वह इस तरह के सवाल कर रहे हैं तो क्या कहा जाए?”

विपक्ष की बैठक पाक मीडिया मेंं हैडलाइन बनती है- भाजपा

रविशंकर प्रसाद ने कहा, ”ये किस षडयंत्र के तहत हो रहा है। जो भी यहां कहा जा रहा है, वह पाकिस्तान में दिखाया जा रहा है। ऑल पार्टी मीटिंग का प्रस्ताव पाकिस्तान रेडियो और पाकिस्तान टीवी पर हेडलाइन बनता है।” वहीं, विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने दिग्विजय से पूछा कि क्या राजीव गांधी की हत्या दुर्घटना थी या आतंकी हमला।

वायुसेना के शौर्य पर सबूत मांग रहे सिब्बल- प्रसाद
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “कपिल सिब्बल का ट्वीट देख रहा था। ये 10 साल केंद्रीय मंत्री थे। नामी-गिरामी वकील हैं। लंदन में भारत की चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हैं। भारत की वायुसेना के शौर्य पर सबूत मांग रहे हैं। तीसरे चिदंबरम साहब हैं। 10 साल वह भी केंद्रीय मंत्री रहे हैं। निजी परेशानी में हैं तो उन्हें ज्यादा नहीं कहूंगा। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के वाइस एयरमार्शल ने हताहतों पर कुछ नहीं कहा। भारतीय अधिकारियों ने हताहतों की संख्या नहीं बताई। तो ढाई सौ लोगों का आंकड़ा कहां से आया। शहीदों के पिता कहते हैं कि एक बेटा और होगा तो हम सरहद पर भेजेंगे। और कपिल सिब्बल को भारत की शौर्य, वायुसेना पर विश्वास नहीं है।”

‘हमारी विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न’

दिग्विजय ने ट्वीट किया, ”एयर स्ट्राइक पर विदेशी मीडिया में संदेह पैदा किया जा रहा है, जिससे हमारी सरकार की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न लग रहा है।” पहले उन्होंने ने कहा था कि तकनीक के दौर में किसी कार्रवाई की तस्वीरें सैटेलाइट से मिल सकती हैं। लिहाजा सरकार को सबूत देना चाहिए। अमेरिका ने लादेन को मारने का सबूत पेश किया था।

मंगलवार को सिंह ने ट्वीट में लिखा, ”प्रधानमंत्री जी आपकी सरकार के कुछ मंत्री कहते हैं 300 आतंकवादी मारे गए, भाजपा अध्यक्ष कहते हैं 250 मारे हैं। योगी आदित्यनाथ कहते हैं 400 मारे गए और आपके मंत्री एएस अहलुवालिया कहते हैं कि एक भी नहीं मरा। आप इस पर मौन हैं। देश जानना चाहता है कि इनमें झूठा कौन है।”

‘250 लोग सिर्फ बालाकोट में मरे’
सिंह ने कहा, “एयर स्ट्राइक में हमारी तरफ से 250 मौतों की बात कही जा रही है, वे सिर्फ बालाकोट में ही मारे गए। इसमें कहीं और के आंकड़े शामिल नहीं हैं। टारगेट का चुनाव सावधानी से किया गया था ताकि सिविलियंस की जान न जाए।”

वहीं मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “कांग्रेस को हो क्या गया है। देश की जनभावना से एकदम उल्टी बात करते हैं। सेना की जानकारी को झुठला रहे हैं। ऐसा किसी और लोकतंत्र देश में नहीं होता, जहां सेना पर ही अविश्वास किया जाता हो।”

कितने मरे गिनती करना सरकार का काम: धनोआ

वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ ने सोमवार को कहा था कि अगर भारत ने जंगलों ने बम गिराए तो पाक की तरफ से हमला क्यों किया गया? हमले में कितने लोग मारे गए, यह पता करना वायुसेना का काम नहीं। यह सरकार काम है। हमने अपने लक्ष्य पर निशाना साधा। हमने मारे गए लोगों की नहीं बल्कि कितने निशाने लगाए, इसकी गिनती की।

अभिनंदन की रिहाई पर पाक सरकार को शुक्रिया कहा
विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान की रिहाई के लिए दिग्विजय ने रविवार को पाक सरकार का शुक्रिया अदा किया था। उन्होंने कहा कि पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने अभिनंदन की रिहाई का फैसला करके दिखाया कि वे एक अच्छे पड़ोसी हैं। अब उन्हें (इमरान) आतंकी हाफिज सईद और मसूद अजहर को हमें सौंपकर बहादुरी दिखानी चाहिए। मोदी ने कन्याकुमारी में कहा था कि 26/11 के मुंबई हमले (2008) के बाद वायुसेना पाक में सर्जिकल स्ट्राइक करना चाहती थी लेकिन तत्कालीन यूपीए सरकार ने ऐसा करने से रोक दिया था। इस पर दिग्विजय ने कहा, “मैंने मोदी जैसा झूठा व्यक्ति नहीं देखा।”

वायुसेना ने जैश के आतंकी कैम्प तबाह किए थे
पुलवामा हमले के 13वें दिन वायुसेना के मिराज-2000 विमानों ने बालाकोट, मुजफ्फराबाद और चकोटी में जैश-ए-मोहम्मद के कैम्प तबाह किए थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार्रवाई में 350 आतंकी मारे गए थे। इसके अगले दिन 27 फरवरी को पाक के विमान भारतीय सीमा में दाखिल हुए थे। जवाबी कार्रवाई में मिग-21 ने पाक के एफ-16 को मार गिराया था। पायलट अभिनंदन को पाक सेना ने बंदी बना लिया था।

स्ट्राइक से पहले कैम्प में 300 मोबाइल एक्टिव थे
न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक, बालाकोट में एयर स्ट्राइक से पहले जैश के ठिकाने पर 300 मोबाइल फोन एक्टिव थे। इसकी जानकारी नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ने सेना को दी थी। इस पर सुरक्षा एजेंसियों ने भी सहमति जताई थी। इस बात के साफ संकेत मिले थे कि कैम्प में करीब 300 लोग मौजूद हैं।

जैश के मदरसे की 4 इमारतों को निशाना बनाया था

मीडिया रिपोर्ट में एक अफसर ने कहा था- “इंटेलिजेंस एजेंसियों के पास सिंथेटिक एपरचर रडार (एसएआर) की तस्वीरें हैं। इसमें दिखाया गया है कि 4 इमारतों को निशाना बनाया गया। मिराज-2000 लड़ाकू विमानों ने पांच एस-2000 प्रीसीशन-गाइडेड म्यूनिशन (पीजीएम) दागे।” पीजीएम एक स्मार्ट बम होता है जो खास निशाने पर दागा जाता है। भारत ने पीजीएम इजरायल से लिए थे।