बॉडी से जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने के लिए डाइट में शामिल करें नींबू पानी, अनार और लहसुन

बॉडी बेहतर तरीके से काम करे और रोगों से दूर रहे, इसके लिए बॉडी में मौजूद जहरीले पदार्थों का बाहर निकलना जरूरी है। ऐसे पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया डिटॉक्सीफिकेशन कहलाती है। गाजियाबाद के अटलांटा हॉस्पिटल की न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. गरिमा चौधरी बताती हैं ऐसे विषैले तत्वों को बाहर निकालने के लिए कई फल और सब्जियां मदद करती हैं। जानिए इनके बारे में…

डाइट में लिक्विड चीजों की मात्रा बढ़ाएं

  1. नींबू पानी

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    यह विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर करने में तथा वज़न घटाने में सहायक होता है। लेमनेड क्लींज बनाने के लिए पानी, नींबू का रस, मेपल सिरप और काली मिर्च को मिलाकर एक पेय बनाकर पिएं।

  2. अनार : 250 एमएल जूस ले सकते हैं

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    अनार में पर्याप्त मात्रा में विटामिन-सी और फाइबर होते हैं। यह हृदय को स्वस्थ रखने और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मददगार है। 250 ग्राम अनार का सेवन या 250 एमएल अनार का जूस रोज़ाना पी सकते हैं।

  3. लहसुन : बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाता है

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    इसमें शक्तिशाली एंटीवायरल, एंटीसेप्टिक और एंटीबायोटिक गुण होते हैं। लहसुन डिटॉक्सिफिकेशन एंजाइम का उत्पादन करने के लिए लिवर को उत्तेजित करता है। यह एंजाइम पाचन तंत्र से विषाक्त पदार्थों को फ़िल्टर करने में मदद करते हैं। 4 ग्राम लहसुन एक दिन के लिए पर्याप्त होता है।

  4. ब्रोकली : पाचन तंत्र भी होगा बेहतर

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    ब्रोकली स्प्राउट्स में महत्वपूर्ण फाइटोकेमिकल्स होते हैं जो पाचन तंत्र में डिटॉक्सीफिकेशन एंजाइम्स को उत्तेजित करते हैं। 100 ग्राम ब्रोकली का सेवन डिटॉक्सीफिकेशन के लिए अच्छा होता है।

  5. बेरी : 100 ग्राम बेरी रोजाना है काफी

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    सभी बेरीज़ जैसे स्ट्रॉबेरी, रास्पबेरी, ब्लैकबेरी और ब्लूबेरी आदि विटामिन सी और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। इनका सेवन करने पर ब्यूट्रेट उत्पादन में मदद मिलती है। 100 ग्राम बेरी का रोज़ाना सेवन पर्याप्त है।

  6. अनानास : कई तरह से है फायदेमंद

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    इसमें ब्रोमलेन नामक एंजाइम होता है जो प्रोटीन को अलग करने और उसके पाचन में मदद करता है। यह सूजन भी कम करता है तथा चोट को जल्द ठीक करने में सहायक है। महिलाओं के लिए 21 से 25 ग्राम अनानास तथा पुरुषों के लिए 30 से 38 ग्राम अनानास का सेवन करने की सलाह दी जाती है।

  7. चुकंदर : आयरन और कैल्शियम का है स्रोत

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    यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है और विटामिन बी 3, बी 6 के अलावा बीटा- कैरोटीन, मैग्नीशियम, कैल्शियम और आयरन का अच्छा स्रोत है। यह फाइबर पाचन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। क़रीब 150 ग्राम चुकंदर का सेवन शरीर के लिए ज़रूरी नाइट्रेट की पूर्ति करता है।

  8. सेब : कच्चा और बिना छीलकर खाएं

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    सेब में विटामिन, फाइबर और खनिज भरपूर मात्रा में होते हैं और फाइटोकेमिकल और पेक्टिन जैसे प्राकृतिक तत्व भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। ये सभी मिलकर विषाक्त तत्वों को दूर करने में मददगार होते हैं। सेब को कच्चा ही खाएं। इसे छिलके सहित खाने पर विटामिन सी और फाइबर प्राप्त होता है।