तातयाना रूस की दूसरी महिला अरबपति बनीं, 15 साल पहले अंग्रेजी की थीं टीचर

तातयाना बकलचुक (43) रूस की दूसरी महिला अरबपति बन गई हैं। वे रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज की फाउंडर और सीईओ हैं। फोर्ब्स के मुताबिक उनकी कंपनी का वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर (7100 करोड़ रुपए) हो गया है। रूस की पहली अरबपति महिला एलेना बाटुरिना (55) हैं। उनकी नेटवर्थ 1.2 अरब डॉलर (8520 करोड़ रुपए) है। एलेना मॉस्को के पूर्व मेयर की पत्नी हैं। उनका इन्वेस्टमेंस्ट और रिएल एस्टेट का बिजनेस है।

700 डॉलर से बिजनेस शुरू किया, 15 साल में अरबपति बनीं

  1. बकलचुक ने 28 साल की उम्र में 2004 में अपने फ्लैट से वाइल्डबेरीज की शुरुआत की थी। तब वे मेटरनिटी लीव पर थीं। उस वक्त उन्हें महसूस हुआ कि महिलाओं को अपने नवजात बच्चों के लिए कपड़े खरीदना कितना मुश्किल होता है। वे इस समस्या को खत्म करना चाहती थीं। इसी सोच ने उन्हें वाइल्डबेरीज शुरू करने का आइडिया दिया।

    तातयाना।

  2. बकलचुक के पति व्लादिस्लाव आईटी टेक्निशियन की नौकरी छोड़कर पत्नी के साथ जुड़े गए थे। दोनों के पास 700 डॉलर की रकम थी। शुरुआती दिनों में 70 डॉलर प्रतिदिन एडवरटाइजिंग पर खर्च करने पड़े थे।
  3. पहले कर्मचारी ने पैसे चुरा लिए थे, लेकिन संघर्ष जारी रखा

    बकलचुक ने मदद के लिए जो पहला व्यक्ति नौकरी पर रखा, उसने पैसे चुरा लिए। वो रकम उन्होंने मैन्युफैक्चर को पेमेंट करने के लिए रखी थी। नुकसान की भरपाई के लिए बकलचुक को काफी संघर्ष करना पड़ा लेकिन, लोगों से उनका भरोसा खत्म नहीं हुआ था।

  4. शुरुआत में दूसरी कंपनियों से कपड़े खरीदे, 4 साल बाद सीधे डीलिंग की

    बकलचुक ने शुरुआत में जर्मनी की ई-कॉमर्स फर्म ओट्टो से थोक में कपड़े खरीदे। उनके फोटो लेकर ऑनलाइन बिक्री के लिए डाल दिए। वे कोरियर और सरकारी पोस्ट के जरिए ऑर्डर डिलीवर करती थीं। 4 साल बाद उन्होंने ओट्टो से माल खरीदने की बजाय सीधे ब्रांड्स के साथ डीलिंग शुरू कर दी।

  5. रूस की जैक मा कही जाती हैं बकलचुक

    बकलचुक के 4 बच्चे हैं। पहले बच्चे के जन्म के एक महीने बाद उन्होंने वाइल्डबेरीज की शुरुआत की थी। इससे पहले वो इंग्लिश की टीचर थीं। बच्चे के जन्म के बाद फिर से टीचिंग शुरू करना चाहती थीं। लेकिन, बच्चे को देखभाल की जरूरत थी। इसलिए, टीचिंग में लौटने की बजाय वाइल्डबेरीज पर काम शुरू कर दिया। उन्हें रूस की जैक मा कहा जाता है।

  6. चीन के सबसे बड़े अमीर जैक मा भी 1999 में ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा की शुरुआत करने से पहले इंग्लिश के टीचर थे। इस साल वे रिटायर हो जाएंगे। पिछले साल उन्होंने अचानक यह ऐलान किया था। उनका कहना था कि अलीबाबा का सीईओ बनने से बेहतर पढ़ाना है। यह काम मैं ज्यादा अच्छी तरह कर सकता हूं।
  7. 2018 में हर रोज 4 लाख ऑर्डर पूरे किए, 1.9 अरब डॉलर की आय हुई

    वाइल्डबेरीज आज 15,000 ब्रांड के प्रोडक्ट बेचती है। इनमें कपड़ों से लेकर खिलौने, कॉस्मेटिक और घरेलू जरूरतों की दूसरी वस्तुएं शामिल हैं। हर रोज 20 लाख लोग वेबसाइट विजिट करते हैं। इनमें रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान, अर्मेनिया और किर्गिस्तान के कस्टमर शामिल होते हैं। वाइल्डबेरीज ने पिछले साल हर दिन औसतन 4 लाख ऑर्डर पूरे किए। 2018 में रेवेन्यू 1.9 अरब डॉलर (13,490 करोड़) रुपए रहा। कंपनी के 15,000 कर्मचारी हैं।

    वाइल्डबेरीज।

  8. बकलचुक सार्वजनिक रूप से बहुत कम नजर आती हैं। इस मामले में वो बेहद शर्मीली हैं। इंटरनेट पर उनकी काफी कम तस्वीरें हैं। पिछले साल उन्होंने कैमरे के सामने पहला इंटरव्यू दिया था।

    तातयाना।

  9. कॉम्पीटिशन नहीं बल्कि दूसरों से सीखने की कोशिश

    उनका कहना है कि ईमानदारी और निष्ठा उनकी कंपनी के अहम मूल्य हैं। रूस के मार्केट में उनका किसी से कॉम्पीटिशन नहीं है। लेकिन, वे हमेशा दूसरों से सीखने की कोशिश करती हैं।

  10. बकलचुक कहती हैं, “आपको अपने बच्चों और कर्मचारियों से नजर मिलाने में शर्म नहीं आनी चाहिए। आप जो भी करें, अन्तरात्मा की आवाज सुनकर करें।”.

News Source : bhaskar.com